Tuesday, August 31, 2021

APJ ABDUL KALAM BIOGRAPHY IN HINDI - अब्दुल कलाम का जीवन परिचय

नमस्कार प्रिय मित्रो आज की इस पोस्ट में हम आपके साथ APJ ABDUL KALAM BIOGRAPHY शेयर करने जा रहे है। यहाँ पर हमने APJ ABDUL KALAM BIOGRAPHY IN HINDI को सरल शब्दों में प्रकाशित किया है। यदि आप APJ ABDUL KALAM का जीवन परिचय याद करना चाहते है तो पांच मिनट का समय निकालकर इस Biography का लास्ट तक अवलोकन करे। 


APJ ABDUL KALAM BIOGRAPHY IN HINDI
APJ ABDUL KALAM BIOGRAPHY IN HINDI 

एपीजे अब्दुल कलाम जी को भारत का बच्चा-बच्चा जानता है। यह हमारे देश के पूर्व राष्ट्रपति थे। APJ ABDUL KALAM का जीवन परिचय अगले पैराग्राफ से शुरू होगा। आइये बिना किसी देरी के APJ ABDUL KALAM की BIOGRAPHY को HINDI में पढ़ते है। 


APJ ABDUL KALAM  BIOGRAPHY IN HINDI - जीवन परिचय अब्दुल कलाम जी का 


  • जन्म: 15 अक्टूबर 1931, रामेश्वरम, तमिलनाडु
  • मृत्यु: 27 जुलाई, 20 15, शिलोंग, मेघालय
  • पद/कार्य: भारत के पूर्व राष्ट्रपति
  • उपलब्धियां: वैज्ञानिक और इंजिनियर के तौर पर अब्दुल कलाम जी ने रक्षा अनुसन्धान और विकास संगठन (डीआरडीओ) और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर कार्य किया। 


डॉ APJ ABDUL KALAM भारत के एक प्रख्यात वैज्ञानिक थे तथा इन्होने भारत के 11वें राष्ट्रपति में कार्य किया था। APJ ABDUL KALAM देश के कुछ सबसे महत्वपूर्ण संगठनों (DRDO और ISRO ) में कार्य किया। अब्दुल कलाम जी ने वर्ष 1998 के पोखरणमें किये गए द्वितीय परमाणु परिक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 


APJ ABDUL KALAM भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम और मिसाइल विकास कार्यक्रम के साथ भी जुड़े हुए थे। इसी कारण APJ ABDUL KALAM को  ‘मिसाइल मैन’ भी कहा जाता है। वर्ष 2002 में  कलाम भारत के11 वे राष्ट्रपति चुने गए और 5 वर्ष की अवधि की सेवा के बाद, ABDUL KALAM शिक्षण, लेखन, और सार्वजनिक सेवा में वापस लौट आए। KALAM जी को भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान, भारत रत्न सहित कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।


एपीजे अब्दुल कलाम का प्रारंभिक जीवन परिचय - Childhood Biography Of APJ ABDUL KALAM 


apj abdul kalam full name: APJ ABDUL KALAM का Full Name अवुल पकिर जैनुलअबिदीन अब्दुल कलाम था इनका जन्म 15 अक्टूबर 1931 को तमिलनाडु के रामेश्वरम में एक मुसलमान Family मैं हुआ। APJ ABDUL KALAM के पिता जिनका नाम जैनुलअबिदीन है, एक नाविक थे और उनकी माता अशि अम्मा गृहणी थीं। 

उनके परिवार की आर्थिक स्थिति शुरुआत से ही ठीक नहीं थी इसलिए APJ ABDUL KALAM को छोटी उम्र से ही काम करना पड़ा और घर सँभालने में हाथ बंटाना पड़ा। अपने पिता की आर्थिक मदद के लिए APJ ABDUL KALAM स्कूल के बाद समाचार पत्र वितरण का कार्य करते थे। अपने स्कूल के दिनों में कलाम पढाई-लिखाई में Normal थे But नयी चीज़ सीखने के लिए हमेशा तत्पर और तैयार रहते थे। 

उनके अन्दर सीखने की एक अलग ही ललक थी।ABDUL KALAM ने अपनी School Education रामनाथपुरम स्च्वार्त्ज़ मैट्रिकुलेशन स्कूल से पूरी की और उसके बाद तिरूचिरापल्ली के सेंट जोसेफ्स College में दाखिला लिया, जहाँ से उन्होंने सन 1954 में Physics में Graduation किया। 

उसके बाद वर्ष 1955 में APJ ABDUL KALAM मद्रास चले गए जहाँ से उन्होंने AIRSPACEH इंजीनियर की शिक्षा ग्रहण की। वर्ष 1960 में कलाम ने मद्रास इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी से इंजीनियरिंग की पढाई पूरी कर ली थी।


करियर - Biography Of APJ ABDUL KALAM 


मद्रास इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी से इंजीनियरिंग की पढाई पूरी करने के बाद APJ ABDUL KALAM  ने रक्षा अनुसन्धान और विकास संगठन (DRDO) में Scientist के तौर पर भर्ती हुए। कलाम ने अपने कैरियर की शुरुआत भारतीय सेना के लिए एक छोटे हेलीकॉप्टर का डिजाईन बना कर किया। डीआरडीओ में APJ ABDUL KALAM को उनके काम से संतुष्टि नहीं मिल रही थी वो कुछ बड़ा करना चाह रहे थे।

उस समय कलाम पंडित जवाहर लाल नेहरु द्वारा गठित ‘इंडियन नेशनल कमेटी फॉर स्पेस रिसर्च’ के Member भी थे। इस दौरान उन्हें प्रसिद्ध अंतरिक्ष वैज्ञानिक विक्रम साराभाई के साथ कार्य करने का अवसर मिला। वर्ष 1969 में कलाम जी का स्थानांतरण भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) में हुआ। यहाँ पर उनको भारत के सॅटॅलाइट लांच व्हीकल परियोजना के निदेशक के तौर पर नियुक्त किये गया था। 

इसी Project की सफलता के परिणामस्वरूप भारत का प्रथम उपग्रह ‘रोहिणी’ पृथ्वी की कक्षा में वर्ष 1980 में स्थापित किया गया। इसरो में शामिल होना कलाम के लाइफ और कैरियर का सबसे अहम मोड़ था और जब उन्होंने सॅटॅलाइट लांच व्हीकल परियोजना पर कार्य आरम्भ किया तब उन्हें लगा जैसे वो वही कार्य कर रहे हैं जिसमे उनका मन लगता है और उन्हें वो बचपन से पसंद भी था।


1963-64 के दौरान APJ ABDUL KALAM ने अमेरिका के अन्तरिक्ष संगठन NASA की यात्रा की। परमाणु वैज्ञानिक राजा रमन्ना, जिनके देख-रेख में भारत ने पहला परमाणु परिक्षण किया, ने कलाम को वर्ष 1974 में पोखरण में परमाणु परिक्षण देखने के लिए भी बुलाया था।


70 और 80 के दशक में अपने कार्यों और सफलताओं से APJ ABDUL KALAM भारत में बहुत प्रसिद्द हो गए और देश के सबसे बड़े वैज्ञानिकों में उनका नाम गिना जाने लगा। उनकी प्रसिद्धि इतनी बढ़ गयी थी की तत्कालीन Prime minister इंदिरा गाँधी ने अपने कैबिनेट के मंजूरी के बिना ही उन्हें कुछ गुप्त परियोजनाओं पर कार्य करने की अनुमति भी दे दी थी।


भारत सरकार ने महत्वाकांक्षी ‘इंटीग्रेटेड गाइडेड मिसाइल डेवलपमेंट प्रोग्राम’ का प्रारम्भ डॉ कलाम के देख-रेख में ही किया। वह इस परियोजना के मुख्य कार्यकारी थे। इस परियोजना ने तहत भारत देश को अग्नि और पृथ्वी नामक दो मिसाइलें मिली।


भारत के राष्ट्रपति के रूप में APJ ABDUL KALAM का जीवन परिचय 


एक रक्षा वैज्ञानिक के तौर पर ABDUL KALAM को उनकी उपलब्धियों और प्रसिद्धि के लिए NDA की गठबंधन सरकार ने उन्हें वर्ष 2002 में राष्ट्रपति पद का उमीदवार बनाया जिसमे ABDUL KALAM ने अपने प्रतिद्वंदी लक्ष्मी सहगल को भारी अंतर से पराजित किया और 25 जुलाई 2002 को भारत के 11वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ लिया। 

डॉ कलाम देश के ऐसे तीसरे राष्ट्रपति थे जिन्हें राष्ट्रपति बनने से पूर्व ही भारत के सबसे बड़े सम्मान भारत रत्न से नवाजा जा चुका था। इससे पहले डॉ राधाकृष्णन और डॉ जाकिर हुसैन को राष्ट्रपति बनने से पहल ही ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया जा चुका था।

उनके कार्यकाल के दौरान ABDUL KALAM को  ‘जनता का राष्ट्रपति’ कहा गया। अपने कार्यकाल की समाप्ति पर उन्होंने दूसरे कार्यकाल की भी इच्छा जताई पर Politics पार्टियों में एक राय ना होने के कारणवो दूसरी बार राष्ट्रपति नहीं बन सके। 

12वें राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल के कार्यकाल के समाप्ति के समय एक बार फिर से उनका नाम अगले संभावित राष्ट्रपति के रूप में चर्चा में था परन्तु आम सहमति नहीं होने के कारण ABDUL KALAM ने राष्ट्रपति उमीदवार का विचार छोड़ दिया। 


APJ ABDUL KALAM के पुरस्कार और सम्मान 


देश और समाज के लिए किये गए उनके हितो और कार्यों के लिए, डॉ कलाम को अनेकों पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। लगभग 40 विश्वविद्यालयों ने उन्हें मानद DO. की उपाधि दी और भारत सरकार के द्वारा APJ ABDUL KALAM पद्म भूषण, पद्म विभूषण और भारत के सबसे बड़े नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया।


मृत्यु: 27 जुलाई 2015 को भारतीय  प्रबंधन संस्थान, शिल्लोंग, में अध्यापन कार्य के दौरान उन्हें Heart Attack के कारण उनकी मृत्यु हो गयी। 


सारांश:


उम्मीद है आपको APJ ABDUL KALAM BIOGRAPHY IN HINDI पसंद आयी होगी इससे आपको APJ ABDUL KALAM के जीवन के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली होगी। दोस्तों पोस्ट कैसी लगी कमेंट में जरूर बताये तथा इसे शेयर भी कर दे।