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चाँद से थोड़ी सी गप्पे - Moon Poem In Hindi

चाँद से थोड़ी सी गप्पे - Moon Poem In Hindi 


प्रस्तुत Moon Poem In Hindi एक छोटी सी लगभग ग्यारह-बारह वर्ष की बालिका द्वारा लिखी गई है जिसका शीर्षक ''चाँद से थोड़ी गप्पे'' रखा गया है। इस कविता में बालिका चन्द्रमा के बारे में गहन विचार पोएम के माध्यम से दुनिया को सुना रही है।  


Moon Poem In Hindi
 Moon Poem In Hindi 


गोल है खूब मगर 

आप तिरछे नजर आते है जरा 

आप पहने हुए है कुल आकाश 

तारो से जड़ा 

सिर्फ मुँह खोले हुए हो अपना 

गोरा चिटा 

गोल मटोल 

अपनी पोशाक को फैलाये हुए चारो सिम्त 

आप कुछ तिरछे नजर आते है जाने कैसे 

खूब ही गोकि 

वाह जी वाह!

हमको बुद्धु ही नीरा समझा 

हम समझते ही नहीं जैसे की 

आपको बीमारी ही 

आप घटते हो तो घटते ही चले जाते हो 

आप बढ़ते हो तो बढ़ते ही चले जाते हो 

दम नहीं लेते है जब तक बिलकुल ही गोल 

न हो जाये 

बिलकुल गोल 

यह मरज आपका अच्छा ही नहीं होने में आता है !!

यदि आपको यह Moon Poem In Hindi अच्छी लगी हो तो कृपया जस्ट शेयर करे। 

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