अपठित गद्यांश – What Is Unseen Passage | Apathit Gadyansh

अपठित गद्यांश । हल विधि। अपठित गद्यांश का उदाहरण प्रशन उत्तर के साथ

अपठित गद्यांश क्या है? | What Is Unseen Passage | Apathit Gadyansh


अपठित का अर्थ न को पढ़ा हुआ अर्थात् गद्य का एक ऐसा अंश जो हमने पहले पो पढ़ा नहीं है अपठित गद्यांश कहलाता है। परीक्षा में अपठित गद्यांश पर आधारित बोध, प्रयोग, रचनात्मक, शीर्षक, इत्यादि से सम्बन्धित प्रशन पूछे जाते है। यहां आपको सभी प्रकार के प्रशन दिए जा रहे है।
सभी क्लास और बोर्ड विद्यार्थियों और सीबीएसई के लिए अपठित गद्यांश ( unseen passage )

अपठित गद्यांश ( हल विधि ) हल करते समय ध्यान देने योग्य बातें 

1. अपठित गद्यांश के अंत में दिय गए प्रश्नों का उत्तर देने से पूर्व गद्यांश का अर्थ जानना आवश्यक है अपठित गद्यांश का सामान्य अर्थ जानना ही पर्याप्त है। उसके प्रत्येक शब्द का अर्थ समझना जरूरी नहीं है।

2. अपठित गद्यांश का सामान्य अर्थ जानने के लिए उसको दो तीन बार ध्यानपूर्वक पढ़े और उसका भावार्थ जानने का प्रयास करे।

3. उस गद्यांश में प्रयुक्त हुए मुहावरों, लोकोक्तियों, शब्द युग्मों, विदेशी शब्दों का अर्थ समझने का प्रयास करे और उत्तर देने का प्रयास करे।

4. अपठित गद्यांश से पूछे गए प्रश्नों के उत्तर गद्यांश के अनुसार समझकर अपने शब्दो में लिखे। गद्यांश की भाषा का ज्यो का त्यों उत्तर ना लिखे वरना उचित नंबर नहीं मिल पाएंगे।

5. अपना उत्तर सरल भाषा और सुबोध शब्दो में दे। ऐसे शब्दो का प्रयोग ना करे जिनका उत्तर आप नहीं जानते हो।

6. अपठित गद्यांश को हल करते समय शांत रहे घबराए नहीं। आत्मविश्वास और शांत मन से गद्यांश को पढ़े।

7. प्रश्नों का उत्तर समझकर दे। यदि आवश्यक हो तो विस्तार से भी उत्तर लिख सकते है।

8. गद्यांश में वर्णित विषय, पात्र और उसके चरित्र के गुण के आधार पर गद्यांश का शीर्षक लिखे।

अपठित गद्यांश का उदाहरण प्रश्नों और उत्तरो सहित 


मानव जीवन का सर्वतीन्मुखी विकास ही शिक्षा का उद्देश्य है।मनुष्य के व्यक्तित्व में अनेक प्रकार की शक्तियां अंतर्निहित रहती है। शिक्षा इन्हीं शक्तियों का उदघाटन करती है। मानवीय व्यक्तित्व को पूर्णता प्रदान करने का कार्य शिक्षा द्वारा है संपन्न हो पाता है। सृष्टि के प्रारम्भ से लेकर आज तक मानव ने जो प्रगति की है उसका सर्वाधिक श्रय मनुष्य की ज्ञान चेतना को ही दिया जा सकता है। मनुष्य में ज्ञान चेतना का उदय शिक्षा द्वारा ही होता है। बिना शिक्षा के मनुष्य का जीवन पशु तुल्य होता है। शिक्षा ही अज्ञानरुपी अंधकार से मुक्ति दिलाकर ज्ञान का दिव्य आलोक प्रदान करती है।


मुख्य प्रशन अपठित गद्यांश में से – Unseen Passage For CBSE 


प्रशन 1 शिक्षा का उद्देश्य किसे बताया गया है और क्यों ?
उत्तर  – मनुष्य के जीवन को हर प्रकार से विकसित करना ही शिक्षा का उद्देश्य बताया गया है। मनुष्य के व्यक्तित्व में छिपी शक्तियों को शिक्षा ही आयाम देती है और उसे विकास के योग्य बनाती है।

प्रशन 2. विद्या मनुष्य को अज्ञान के बंधन से मुक्त करती है यह किस प्रकार का वाक्य है ? प्रकार बताते हुए परिभाषा भी लिखे।
उत्तर – यह एक साधारण वाक्य है। जिस वाक्य में केवल एक क्रिया और एक ही कर्ता हो उसे साधारण वाक्य कहते है।

प्रशन 3. मानवीय शब्द में मूल शब्द और प्रत्यय बताइए ?
उत्तर –  मानवीय शब्द में मूल शब्द मानव है और इसमें य प्रत्यय जोड़कर मानवीय शब्द बना है।

प्रशन 4. अपठित गद्यांश का उचित शीर्षक लिखिए ?
उत्तर – गद्यांश का उचित शीर्षक शिक्षा का महत्व हो सकता है।

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