गंजा मुर्ख - Baccho Ki Kahaniyan In Hindi

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गंजा मुर्ख - Baccho Ki Kahaniyan In Hindi


गंजा मुर्ख - Baccho Ki Kahaniyan In Hindi 
एक बार एक गंजा आदमी बन में फल खाने के लिए पहुंचा। था वह मुर्ख। वह यह नहीं जान पा रहा था कि फल कैसे खाना चाहिए। 

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तभी एक दूसरा नोजवान मुर्ख वहां आया। उसके हाथ में बेल के बहुत से फल थे। वह बहुत भूखा था। इसलिए उन्हें तोडना नहीं चाहता था। इस गंजे मुर्ख को देखकर उसके मन में गुदगुदी होने लगी। उसने मजाक ही मजाक में एक बेल का फल उसके सर पर दे मारा। 

गंजा मुर्ख तो एक बार तिलमिला उठा लेकिन उसे भी बहुत भूख लगी थी और यह फल उसकी भूख मिटा सकता था। इसलिए उसने उस युवक से कुछ भी नहीं कहा उसे डांटा तक नहीं। बस बेल का गुदा खाने लगा। 

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उस नवयुवक मुर्ख को यह देखकर और मजा आया। उसने दूसरा फल भी उस गंजे के सर पर दूसरा फल भी दे मारा। तीसरा चौथा यहाँ तक कि सारे फल खत्म हो गए। उधर गंजे का सर भी खून से लथपथ हो गया। 

यह देखकर वह नवयुवक डर गया और वहां से चला गया। उसके बाद वह गंजा भी अपने घर लोट आया।

उसके सर को खून से भरा देखकर घरवालों ने घबराकर पूछा अरे यह सब क्या हुआ ? किसने मारा तुमको ?

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उसने उत्तर दिया एक नौजवान के पास बहुत सारे मीठे बेल के फल थे। वह उन्हें मेरे सर पर फेंकता रहा और में उन्हें खाता रहा। 

मीठे फलो के लिए क्या में इतनी चोट भी नहीं सह सकता था ?

उसकी यह बात सुनकर सभी लोग जोर जोर से ठहाके लगाकर हंसने लगे। 

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